राष्ट्रीय लोक अदालत: न्याय तक पहुँच का सशक्त माध्यम भूमिका भारतीय न्याय प्रणाली में वर्षों से लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होता है। ऐसी स्थिति में, आम लोगों के लिए न्याय सुलभ बनाने हेतु राष्ट्रीय लोक अदालत एक बेहतरीन उपाय के रूप में सामने आई है। यह एक वैकल्पिक न्याय प्रणाली है, जिसका उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों को त्वरित, किफायती और शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आशय क्या है? "राष्ट्रीय लोक अदालत" का तात्पर्य उस विशेष आयोजन से है, जो पूरे देश में एक ही दिन आयोजित किया जाता है और जिसमें न्यायालयों में लंबित या संभावित विवादों का समाधान दोनों पक्षों की आपसी सहमति से कराया जाता है। यह व्यवस्था भारतीय विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत संचालित होती है और इसका नेतृत्व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) करता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ ✅ विवाद का शांतिपूर्ण समाधान दोनों पक्षों की सहमति से फैसला होता है, जिससे कोई भी पक्ष हारा हुआ महसूस नहीं करता। ✅ कोर्ट फीस से पूरी तरह मुक्त इसमें...
Comments
Post a Comment