75 वर्षों की गणतंत्र यात्रा: लोकतंत्र और प्रगति की कहानी
26 जनवरी, 2025 को भारत अपने गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। यह मील का पत्थर उस यात्रा का प्रतीक है जिसमें भारत ने लोकतंत्र और समावेशिता को अपनी मार्गदर्शक शक्तियों के रूप में चुना। भारत का संविधान, जो 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव रखता है। इन 75 वर्षों में, भारत ने एक नव स्वतंत्र राष्ट्र से लेकर एक वैश्विक शक्ति बनने तक की यात्रा की है, जिसमें उसने कई चुनौतियों का सामना किया और अद्भुत प्रगति हासिल की।
गणतंत्र का जन्म
15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, एक मजबूत संवैधानिक ढांचे की आवश्यकता स्पष्ट हो गई। डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता और डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में एक संविधान सभा का गठन किया गया। इस सभा में भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाले विचारक शामिल थे। लगभग तीन वर्षों की चर्चा के बाद, 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया।
यह तिथि 1930 में पूर्ण स्वराज की घोषणा को स्मरणीय बनाने के लिए चुनी गई थी, जब भारतीय नेताओं ने ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने का संकल्प लिया था। इस परिवर्तन ने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य में बदल दिया।
संविधान के स्तंभ
भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज़ है जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे को अपने मूल सिद्धांतों के रूप में स्थापित करता है। 448 अनुच्छेदों, 25 भागों और 12 अनुसूचियों के साथ, यह दुनिया के सबसे व्यापक संविधानों में से एक है। इसकी कठोरता और लचीलापन इसे समय के साथ बदलते समाज की आवश्यकताओं के अनुकूल बनाते हैं।
75 वर्षों में भारत की 75 प्रमुख उपलब्धियां
- संविधान का निर्माण और कार्यान्वयन (1950): भारत का संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव बना।
- पहला आम चुनाव (1951-52): स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत।
- हरित क्रांति (1960 के दशक): कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भरता।
- इसरो की स्थापना (1969): अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की प्रगति।
- 1971 का भारत-पाक युद्ध और बांग्लादेश की स्थापना।
- बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1969)।
- पंचायती राज व्यवस्था (1992): स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना।
- 1991 के आर्थिक सुधार: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण।
- चंद्रयान मिशन (2008): चंद्रमा पर भारत की उपस्थिति।
- मंगलयान मिशन (2013): सबसे सस्ती लागत में मंगल तक पहुँचना।
- आधार कार्ड परियोजना (2009): डिजिटल पहचान का निर्माण।
- आरटीआई अधिनियम (2005)।
- सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण नीति।
- धारा 370 का उन्मूलन (2019): जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन।
- पोलियो उन्मूलन (2014)।
- आयुष्मान भारत योजना (2018): स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।
- जीएसटी लागू करना (2017)।
- डिजिटल इंडिया अभियान (2015)।
- परमाणु परीक्षण (1974, 1998)।
- स्वच्छ भारत अभियान (2014)।
- तीन तलाक का उन्मूलन (2019)।
- महिला सशक्तिकरण योजनाएँ।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका (G20, BRICS)।
- संसद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी।
- आईटी क्षेत्र में प्रगति।
- भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण।
- नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (2019)।
- पंचवर्षीय योजनाओं का कार्यान्वयन।
- शिक्षा में सुधार: नई शिक्षा नीति (2020)।
- एलपीजी सब्सिडी योजनाएँ।
- भारत की ओलंपिक उपलब्धियाँ।
- पर्यावरण संरक्षण कानून और परियोजनाएँ।
- चिपको आंदोलन और पर्यावरण जागरूकता।
- नदियों को जोड़ने की परियोजनाएँ।
- भारतीय सेना की आधुनिकीकरण।
- एशियाई विकास बैंक और अन्य संगठनों में भारत की भागीदारी।
- परमाणु ऊर्जा में प्रगति।
- स्वदेशी कोविड-19 टीके का निर्माण।
- उजाला योजना और बिजली पहुंच।
- स्मार्ट सिटी मिशन।
- भारत नेट परियोजना।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन।
- राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)।
- स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाएँ।
- रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण।
- आत्मनिर्भर भारत अभियान।
- स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया।
- पीएम किसान सम्मान निधि।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डिजिटलीकरण।
- डिजिटल भुगतान में भारत का नेतृत्व।
- भारतीय सिनेमा का वैश्विक प्रभाव।
- साहित्य और कला के क्षेत्र में उपलब्धियाँ।
- अंतरिक्ष में महिलाओं की भूमिका।
- वन धन योजना।
- मेक इन इंडिया रक्षा उत्पादन।
- राष्ट्रीय सौर मिशन।
- एलआईसी और अन्य सार्वजनिक कंपनियों का विस्तार।
- शहरी और ग्रामीण आवास योजनाएँ।
- जीवन बीमा और वित्तीय समावेशन।
- राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार।
- अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सुधार।
- रक्षा अनुसंधान में स्वदेशीकरण।
- डिजिटल गाँव योजना।
- जल जीवन मिशन।
- फिट इंडिया अभियान।
- जमीन के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण।
- सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम।
- वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत का योगदान।
- खेल विश्वविद्यालयों की स्थापना।
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन।
- राष्ट्रीय महिला आयोग का सशक्तिकरण।
- अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विशेष योजनाएँ।
- युवाओं के लिए स्किल इंडिया मिशन।
- स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति।
- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रक्षा सौदों का आधुनिकीकरण।
भविष्य की दृष्टि
समावेशिता, स्थिरता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखना चाहिए। जलवायु परिवर्तन, आय असमानता और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों का समाधान सामूहिक प्रयास से ही संभव है। लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करना, विविधता में एकता को बढ़ावा देना और तकनीकी प्रगति को अपनाना भारत की निरंतर वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होगा।
गणराज्य के रूप में 75 वर्ष पूरे करना आत्मनिरीक्षण, उत्सव और भविष्य की योजना बनाने का समय है। भारतीय गणराज्य आशा और सहनशीलता का प्रतीक है, जो यह साबित करता है कि विविधता में लोकतंत्र फल-फूल सकता है। 26 जनवरी, 2025 को जब तिरंगा ऊंचा लहराएगा, यह न केवल भारत की उपलब्धियों का प्रतीक होगा, बल्कि एक उज्जवल, समावेशी कल के लिए उसकी आकांक्षाओं का भी प्रतीक होगा।




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